अंडरआर्म्स :-पसीने के कारण अंडरआर्म्स में पसीने बनने लगते हैं। अगर बार-बार यहां छूते हैं तो ये बैक्टीरिया हाथों के जरिये बॉडी के बाकी हिस्सों तक पहुंचकर इंफेक्शन फैला सकते हैं।
आँखें :-आँखों को हाथों से मसलने पर हाथों के बैक्टीरिया आँखों में चले जाते हैं। इससे आँखों में इरिटेशन बढ़ सकता है।
चेहरा :-दिनभर चेहरे पर बार-बार हाथ लगाने से हाथों के बैक्टीरिया चेहरे पर जमा होने लगते हैं। ऐसे में पिंपल्स या इन्फेक्शन की प्रॉब्लम हो सकती है।
कान :-कानो को साफ़ करने के लिए किसी भी चीज का यूज करने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इससे कानों में घाव भी हो सकते हैं।
नाक :-नाक साफ़ करने के लिए बार-बार उँगलियों का यूज करने से नाक का बैक्टीरिया हाथों में आ जाते हैं। ये बैक्टीरिया बॉडी की दूसरी जगहों तक पहुंचकर इंफेक्शन फैला सकते हैं।
मुंह :-हाथों की उँगलियों को बार-बार मुंह या होंठों पर लगाने से हाथों के बैक्टीरिया मुंह में चले जाते हैं। ऐसे में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

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