दो विश्वकप फाइनल जिताने वाला यह भारतीय खिलाडी आज टीम में जगह बनाने के लिए कर रहा सँघर्ष


आज भारतीय टीम का यह सितारा टीम में जगह बनाने को तरस रहा है यह वही खिलाडी है जिसने T20विश्व कप और 2011 विश्व कप के फाइनल में शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी लेकिन आज टीम इंडिया में वापसी के लिए यह खिलाडी अभी भी तैयारी कर रहा है।


24 सितंबर, 2007 को जोहानिसबर्ग के वॉन्डरर्स स्टेडियम में खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। और सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के शानदार 75 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 157 रन बनाए और भारत ने यह मुकाबला जीत लिया।


एक बार फिर वही स्तिति सामने आई जब 2011 के विश्व कप के फाइनल में हीरो गंभीर बने। लेकिन गंभीर दुर्भाग्‍यशाली रहे कि शतक पूरा नहीं कर पाए। वे 97 रन (122 गेंद, नौ चौके, स्‍ट्राइक रेट 79.51 ) के निजी स्‍कोर  पर टी. परेरा के शिकार बन गए।


फाइनल में भारत की जीत की राह पर बढ़ाने के लिहाज से गौतम गंभीर की इस पारी का योगदान भी धोनी के 91 रन (79 रन, आठ चौके व दो छक्‍के) से कम नहीं था।  सहवाग, सचिन के आउट होने के बाद यदि टीम इंडिया के आगे के एक-दो विकेट जल्‍दी गिर जाते तो फाइनल जीत की राह बेहद मुश्किल हो सकती थी। लेकिन गंभीर ने इस मुश्किल क्षणों में धैर्य का परिचय दिया और पहले विराट और फिर धोनी के साथ साझेदारी कर टीम की जीत के करीब पहुंचाया और वर्ल्डकप फाइनल जीते। 

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