कैदियों को छोड़कर सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार दिखाने के बाद भारत अब पाकिस्तान के साथ सिंधु जल को लेकर बातचीत को तैयार हो गया है. बताया जा रहा है कि स्थायी सिंधु आयोग की बैठक इस महीने लाहौर में होने वाली है. भारत इस बैठक का हिस्सा हो सकता है.
विश्व बैंक की मध्यस्था के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के पानी को लेकर 19 सितंबर 1960 को एक समझौता हुआ है. उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयुब खान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब चुनाव में इस्तेमाल करते हुए कहा था कि सिंधु नदी का जो बूंद-बूंद पानी पाकिस्तान चला जाता है वह अब पंजाब को मिलेगा. यह पानी पंजाब को मिल जाएगा तो यहां की मिट्टी सोना उगलेगी
भारत और पाकिस्तान सिंधु जल संधि के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत फिर शुरू करने जा रहे हैं. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ऐसी खबरें चलने लगी थीं कि भारत पाकिस्तान जाने वाले सिंधु नदी के पानी को रोक देगा. हालांकि ये तब सिर्फ कयास था अब भारत ने इस संधि पर फिर से बातचीत और पहलुओं को स्पष्ट करने की दिशा में बातचीत शुरू करने का फैसला किया है



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