आवाज का बदलना भी हो सकता है कोरोना का लक्षण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज



 कोरोना वायरस की दूसरी लहर में लक्षणों और जटिलताओं की सूची बढ़ती ही जा रही है। इसने न केवल समाज में सबसे कमजोर लोगों को प्रभावित किया है, बल्कि इसने युवा आबादी पर भी गंभीर असर डाला है। ऐसे समय में प्रत्येक लक्षण को हल्के या गंभीर रूप से नोट करना महत्वपूर्ण है, ताकि प्रारंभिक अवस्था में वायरस का पता लगाया जा सके और दूसरों के जीवन को खतरे में डाले बिना इसका इलाज किया जा सके। बुखार, खांसी और गंध और स्वाद का चले जाना, कोरोना के सबसे अधिक प्रचलित लक्षण हैं, लेकिन अब इसके नए लक्षण भी सामने आने लगे हैं। आइए जानते हैं कोरोना के नए लक्षण के बारे में, जिसे भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए....

कोविड सिंपटम स्टडी ऐप के मुताबिक, कई लोगों ने कोरोना से संक्रमित होने के बाद अपनी आवाज में परिवर्तन की सूचना दी है। लाखों ऐप योगदानकर्ताओं के डेटा से पता चला है कि कर्कश आवाज कोविड-19 का एक लक्षण हो सकता है। ऐप के पीछे मौजूद शोधकर्ताओं की टीम के मुताबिक, कर्कश आवाज कोविड-19 का एक असामान्य लक्षण है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कई कर्मचारियों ने अपनी बीमारी की शुरुआत के बाद कर्कश आवाज का अनुभव किया है। 


हालांकि कर्कश आवाज आपकी आवाज में एक प्राथमिक परिवर्तन है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। अध्ययन के मुताबिक, कुछ लोगों को अपनी आवाज टेढ़ी-मेढ़ी और कर्कश लग सकती है, जबकि कुछ लोगों को अपनी आवाज अधिक शांत और भारी लग सकती है। 

शोधकर्ता कहते हैं, 'हम जानते हैं कि कोरोना वायरस हमारे श्वसन तंत्र के ऊतकों को प्रभावित करता है, जिनमें से आवाज बॉक्स यानी स्वर यंत्र भी एक हिस्सा है। यह बताता है कि कुछ लोगों को अपने संक्रमण के दौरान कर्कश आवाज क्यों आती है।' उनका कहना है कि अगर आपको इस तरह की कोई समस्या हो रही है, तो आपको कोरोना की जांच जरूर करा लेनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आप संक्रमित हैं या नहीं। 


सबसे पहले तो आपको आइसोलेट हो जाना चाहिए और कोरोना टेस्ट कराना चाहिए। जब तक रिपोर्ट न आ जाए, सबसे अलग ही रहें। नियमित रूप से गुनगुने पानी से गरारे करें। अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें, विशेष रूप से पानी। अधिक परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें। 

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