चीन से टकराव पर रक्षामंत्री की हाईलेवल मीटिंग में हुआ बड़ा फैसला, अजीत डोभाल भी थे बैठक शामिल


पैंगोंग क्षेत्र में LAC पर चीन के आक्रामक रवैये के बाद राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समीक्षा के लिए एक हाई लेवल मीटिंग की, जिसमें यह फैसला लिया गया कि भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सभी संवेदनशील इलाकों में अपनी आक्रामक पोजीशन को बनाए रखना जारी रखेगी।

PTI के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने और टैंक और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों सहित अधिक हथियार लाने के लिए पैंगोंग झील के दक्षिणी बैंक क्षेत्र के आसपास अपनी मौजूदगी को और तेज कर दिया है।


एक सूत्र ने कहा, “भारतीय सेना अब पैंगोंग झील के दक्षिणी बैंक के चारों ओर सभी रणनीतिक पर्वत ऊंचाइयों पर अच्छी पोजीशन पर है।”

मालूम हो कि करीब दो घंटे चली इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया सहित अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल थे।

मालूम हो कि इससे पहले सोमवार शाम को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी एक बैठक की थी। मीटिंग में तय हुआ कि भारत लाइन ऑफ एक्चुएल कंट्रोल (LAC) के आस-पास अपनी सैन्य ताकत बढ़ाएगा।


इससे लंबे संघर्ष की स्थिति में भी चीन से कड़ा मुकाबला किया जा सकेगा। कहीं चीन भारत का ध्यान भटकाकर कहीं दूसरी जगह बड़ी घुसपैठ की कोशिश में तो नहीं है? इस बात पर भी चर्चा हुई है।

बता दें कि शनिवार रात को चीनी सैनिकों ने पैंगोंग झील के पास घुसपैठ की कोशिश की थी। सतर्क भारतीय जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया था। पता चला है कि वहां 2-3 जगहों पर चीनी सैनिक जमा हो गए थे, जिन्हें खदेड़ा गया. चीन की तरफ से यह घुसपैठ साउथ बैंक इलाके में हुई। फिलहाल भारत ने वहां बड़ी संख्या में जवान तैनात किए हुए हैं।

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