पीएफ की ब्याज दर पर सरकार ने चला दी कैंची, जानिए ऐसा क्यों किया गया?


कोरोना काल में सभी को रुपयों की सख्त जरुरत है। इसके लिए नौकरीपेशा लोग ईपीएफ की ओर नजर गढ़ाए हुए हैं। लाखों करोड़ रुपया ईपीएफ से निकल चुका है। खास बात तो ये है कि सरकार ईपीएफ ब्याज 8.5 फीसदी ब्याज का भुगतान दे रहा है। जो कि 6 साल में सबसे कम है। इसमें भी अब सरकार की ओर से कैंची चला दी गई है।


अब सरकार ने फैसला किया है कि वो दिसंबर महीने तक 8.15 फीसदी ब्याज देगी। बाकी 0.35 फीसदी का भुगतान किया जाएगा। आखिर सरकार की ओर से ऐसा क्यों किया? आइए आपको भी बताते हैं। यह बात किसी से छिपी नहीं है ईपीएफ का रुपया शेयर बाजार में लगाया जाता है। यह रुपया सरकारी सिक्योरिटीज, डेट इंस्ट्रुमेंट और शेयर बाजार में लगाया जाता है।


कोरोना वायरस की वजह से शेयर बाजार पर काफी बुरा असर देखने को मिला है। जिसकी वजह से सरकार की ओर से ईपीएफ का रुपया भी शेयर बाजार में डूबा है। जिसकी वजह से सरकार 0.35 फीसदी ब्याज का भुगतान दिसंबर में करने का फैसला लिया गया हैै। सरकार एक बार फिर से शेयर बाजार के बूस्ट होने का वेट कर रही है। ताकि बेहतर रिटर्न पाया जा सके। सरकार को उम्मीद है कि वो इक्विटी से बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

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