1. दान :- पैसा कमाने के बाद धन की पहली गति जो होना चाहिए, वो है दान। यानी हमें अपने कमाए पैसे में से कुछ भाग अवश्य दान करना चाहिए। पुराणों में दान से प्राप्त होने वाले पुण्यों के बारे में भी बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, दान करने से उसी व्यक्ति को फल मिलता है, जो दान करते समय किसी बात का घमंड ना करे।
2. भोग :- धन की दूसरी गति है भोग यानी उसका उपयोग करना। हम जो पैसा कमाते हैं उसका स्वयं और परिवार वालों पर खर्च करना भी उतना ही जरूरी है जितना दान करना।

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