‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ के तहत सरकार को रिण के लिये तकरीबन पांच लाख आवेदन मिल चुके हैं। इस योजना का लक्ष्य कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के बाद रेहड़ी पटरी वालों को अपना कारोबार एक बार फिर से शुरू करने के लिये 10,000 रुपये तक का रिण देना है। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को इसकी जानकारी दी गयी है।
दरअसल, कोरोना संकट की वजह से बड़े उद्योग से लेकर दिहाड़ी मजदूर तक प्रभावित हुए हैं। उद्योग-धंधे फिर से शुरू हो गए हैं. लेकिन बड़े पैमाने पर ऐसे लोग हैं, जो रेहड़ी-पटरी या फिर खोमचा लगाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। उनका कारोबार शुरू नहीं हो पाया है।
सबसे खास बात यह है कि इस योजना के तहत कर्ज लेने के लिए कोई गारंटी देने की जरूरत नहीं है। रेहड़ी-पटरी वालों को यह कर्ज एक साल में मासिक किस्तों में लौटाना होगा। कर्ज समय पर चुकाने वाले लोगों को 7 फीसदी सालाना की ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी। साथ में 1200 रुपये तक की कैशबैक की भी सुविधा है।
कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह योजना की है। अब तक करीब 5 लाख रेहड़ी-पटरी वाले लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं। जबकि 50 लाख लोगों को लोन देने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए अगर आप स्ट्रीट वेंडर्स हैं तो फिर आज ही अप्लाई करें।



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