ये है दुनिया का अकेला श्रीकृृृष्‍ण म‍ंदिर जहां जन्‍माष्‍टमी पर दी जाती है 21 तोपों की सलामी


देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास छाया हुआ है। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। कृष्ण जन्माष्टमी 2020 के मौके पर जानिए राजस्थान के एक ऐसे कृष्ण मंदिर के बारे में, जहां 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

राजस्थान के नाथद्वारा में कृष्ण जन्माष्टमी पर तोपों की सलामी पर जो उत्साह होता है, वहीं उसके अगले दिन नंद महोत्सव मनाया जाता है। इसमें आदिवासियों के भोग लूटने की परंपरा है। यहां श्रीकृष्ण के जन्म के बाद शंख ध्वनि, थाली, मादल, घंटे, घड़ियाल, झांझ, मृदंग, सारंगी और बाजे से स्वागत किया जाता है।

रात ठीक 12 बजे एक साथ इतने वाद्य यंत्रों से वातावरण गुंजायमान हो जाता है। इसके बाद मोतीमहल की प्राचीर से बिगुल बजाकर श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा होती है। फिर श्रीनाथजी की फौज यानी गोविंद की पलटन इसे सुनते ही यहां रखी 400 साल पुरानी तोप से 21 गोले दागकर बाकायदा सलामी देते हैं।

इस बार कोरोना महामारी के चलते नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में जन्मोत्सव पर विशेष धार्मिक आयोजन नहीं होंगे, लेकिन 21 तोपों की सलामी जरूरी दी जाएगी।

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