LAC पर चीन के मार्शल आर्ट लड़ाकों को धूल चटाने के लिए सेना की बड़ी तैयारी


भारत और चीन सीमा विवाद के मद्देनजर नियंत्रण रेखा पर  माउंटेन कार्प के एकीकृत बैटल ग्रुप की तैनाती की गई है। इस ग्रुप में शामिल जवान ऊंचे पहाड़ी इलाकों में युद्ध करने में पारंगत हैं, जवानों का यह समूह खास तौर पर ऊंचे पर्वतीय इलाकों में युद्ध के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं। बता दें कि यह जवान ऊंचे पर्वतीय इलाकों में और युद्ध समूह के रूप में चीन से निपटने के लिए खास तौर पर तैयार किए गए हैं जो चीन की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।


बता दें कि ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि चीन ने बड़े पैमाने पर पर्वतारोहियों एवं मार्शल आर्ट के लड़ाकू को हाल में अपनी सेना में भर्ती किया है और ऐसे पांच डिवीजन बनाकर एलएसी की तरफ भेजे हैं। चीनी मीडिया में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि ये  तिब्बत में तैनात के लिए है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इन्हें एलएसी पर भारतीय सेना के मुकाबले के लिए यहां तैनात किया जा रहा है सभी जवानों को 15 जून से पहले यहां तैनात किया गया था।


गौरतलब है कि भारत चीन सीमा पर 15 जून की रात में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में खूनी झड़प हुआ था जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे वह जानकारी है कि चीन के भी 40 से ज्यादा जवान हताहत हुए। सूत्रों की माने तो माउंटेन कोर्ट के कम से तीन बैटल ग्रुप अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं, इसके साथ ही आइटीबीपी के जवान भी यहां तैनात किए गए हैं जो पर्वतीय इलाकों में युद्ध करने में प्रशिक्षण प्रशिक्षित हैं।


बता दें कि अगर आवश्यकता होती है तो बैटल ग्रुप के जवानों को एयर ड्रॉप भी किया जा सकता है सभी जवानों को इसके लिए भी प्रशिक्षण दिया गया है इसके साथ ही चीन सीमा पर कई स्थानों पर यह युद्धाभ्यास भी कर चुके हैं। सूत्रों की माने तो थल सेना की तैयारियों को लगातार वायु सेना का बैकअप मिल रहा है, वायुसेना एलएसी पर निगरानी के साथ जवानों को एयर ड्रॉप करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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