विज्ञान के मुताबिक जब भी सपने आते हैं तब हमारा मस्तिष्क अचेतन अवस्था में रहता है। ये दौर ऐसा होता है कि उसमें हम न तो पूरी तरह से जाग रहे होते हैं और न ही सो रहे होते हैं। साइंस की भाषा में इस स्थिति को तुरीयावस्था कहते हैं।
जब भी सपने आते हैं तो उसकी वजह सही से खान-पान न करना व किसी भी बीमारी होने का करण हो सकता है। हालांकि सारे सपनों का मतलब ऐसा नहीं होता है। कई बार दिमाग में चलने वाली उथल-पुथल के चलते भी हमें सपने दिखाई देते हैं।
सपनों के आने से आम जीदगीं में ज्यादा असर नहीं पड़ता। अधिकतर सपने मन के विचार व बीमारियों से पैदा होते हैं। कुछ सपने ऐसे भी होते हैं जो चेतावनी के तौर पर संकेत देते हैं वहीं सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे सपने अच्छे-बुरे, शुभ-अशुभ घटानाएं होने का संकेत देती हैं। कहा जाता है कि सुबह दिखने वाले अधिकतर सपने सच होते हैं।
सपनों का अलग होता है मतलब
-अगर सपनों में आग, सूरज या ज्वालामुखी को दिखे तो समझें कि आपके पित्त में गड़बड़ है।
-यदि सपनों में पानी दिखे तो समझ लें आपकों कफ की गड़बड़ी है।
-कमल फूल, हाथी , बंदर ,गाय का सपना दिखे तो समझें कि अच्छा होने वाला है।
-साथ ही अगर सपने में किसी व्यक्ति की मौत दिखे तो मान लें कि आया संकट टल जाएगा।
-अगर पार्टी व उत्सव दिखे तो समझ लें कि आप बीमार होने वाले हैं।
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