वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती और सतीश मिश्रा भी शनिवार को अरुण जेटली का हाल जानने पहुंचे हैं। खबर है कि वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने भी एम्स पहुंचकर अरुण जेटली की तबीयत के बारे में जानकारी ली है। हालांकि हॉस्पिटल की तरफ से अरुण जेटली को लेकर कोई हेल्थ बुलेटिन अभी जारी नहीं किया गया है। एम्स के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अरुण जेटली की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ईसीएमओ (एक्सट्रा कॉरपोरियल मेमब्रेन ऑक्सिजनेशन), जिसे एक्सट्रा कॉरपोरियल लाइफ सपोर्ट भी कहा जाता है, पर रखा गया है।
यह सिस्टम उन मरीजों को लंबे समय तक हृदय की गतिविधियों और सांस लेने में सहायता प्रदान करने की एक एक्सट्रा कॉरपोरियल तकनीक है, जिन मरीजों का दिल और फेफड़े जीवन को बनाए रखने के लिए काम करने में असमर्थ होने लगते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी जेटली से मिलने एम्स पहुंचे थे।

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