आपको बता दें कि विधायक राजेश मिश्रा के कार्यालय से भगाये जाने के बाद ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी रहे गौरव सिंह अरमान ने भाजपा के दो कद्दावर नेताओं के साथ मिलकर अजितेश और साक्षी के प्रेम प्रसंग की पटकथा लिखी थी। सूत्रों के मुताबिक यह बात भी सामने आ रही है कि पार्टी से जुड़े लोगों ने तीनों को एक साथ बैठे, गाड़ियों से आते जाते देखा है।
दो महीने पहले विधायक राजेश मिश्रा ने गौरव सिंह अरमान को अपने कार्यालय से भगा दिया था। इससे पहले तक वह विधायक का सबसे करीबी व्यक्ति था। बिथरी ब्लाक प्रमुखी का चुनाव लड़वाने से लेकर अन्य हर काम में विधायक ने हर कदम पर उसका साथ दिया। विधायक के आउट करने के बाद वह उनसे अपमान का बदला लेना चाहता था। पार्टी में ही विधायक से नाराज चल रहे दो कद्दावर नेताओं की शरण में वह चला गया। पहले तो विधायक को दूसरे तरीकों से हानि पहुंचाने पर विचार किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। विधायक के गर्व पर चोट कर उनकी राजनीति को नुकसान पहुंचाने की रणनीति तय की गई। इसमें सबसे आसान टारगेट बनी विधायक पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी मिश्रा। साक्षी को टारगेट कर अजितेश को साधा गया।
अजितेश और गौरव अरमान की पहले से दोस्ती थी। कद्दावर नेताओं को भी अजितेश जानता था। बताते हैं कि जिस दौरान प्लानिंग चल रही थी, साक्षी जयपुर में पढ़ाई कर रहीं थीं। एक कद्दावर नेता के घर तीन बार बैठक होने के बाद रणनीति को अमली जामा पहनाने की तारीख तय हुई। नेताओं ने बरेली से भागने से लेकर इंदौर में रुकने, फ्लाइट की टिकट कराने, हाईकोर्ट में याचिका डालने और टीवी चैनल के स्टूडियो तक पहुंचाने की स्क्रिप्ट तैयार की। गौरव के जरिये उसको अमली जामा पहनवाया गया।
साक्षी के घर से जाने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई। विधायक रोज अपने कार्यालय में बैठते रहे। इसके बाद कद्दावर नेताओं ने साक्षी और अजितेश के वीडियो बनवाये। दोनों हंस हंसकर वीडियो बना रहे हैं, लेकिन उसमें आरोप लगा रहे हैं कि वह डरे और सहमे हैं। उनकी जान को खतरा है। सोशल मीडिया से लेकर पार्टी और पुलिस अफसरों तक का मानना है कि वीडियो में उनके चेहरे, आवाज और आत्मविश्वास देखकर नहीं लग रहा कि इन्हें किसी ने भी धमकी दी है। वीडियो बनाने के बाद बरेली से लेकर बदायूं और शाहजहांपुर तक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किये गये।

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