टाइम से होते हैं पीरियड्स
आयुर्वेद में कान छिदवाने को फायदेमंद बताया गया है। कान के बहारी भाग के केंद्र में छिदवाने से महिलाओं की पीरियड्स संबंधी दिक्कते दूर हो जाती हैं। वहीं इससे प्रेग्नेंसी में भी फायदेमंद होता है।
ब्रेन के लिए होता है अच्छा
ब्रेन के विकास कई तरह से किया जा सकता है। कान के बाहरी हिस्से में मध्याह्न पॉइंट होता है जो ब्रेन के लेफ्ट हेमिस्फियर को राइट हेमिस्फियर से जोड़ने का काम करता है। अगर इस हिस्से पर आप कान छिदवाती हैं तो आपका ब्रेन हमेशा सक्रीय रहता है। आप यह समझ सकती हैं कि यह एक तरह की ऐक्युप्रेशर थेरेपी होती है। इससे ब्रेन हेल्दी रहता है।
आंखों की रोशनी तेज होती हैं
कान छिदवाने से आपकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित होती है। अगर आप कान के अंदर सेंटर पर छिदवाती हैं तो आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है। वैसे कशमीरी शादीशुदा महिलाएं और पंजाबियों में यह एक महत्वपूर्ण रस्म है।
सुनने की क्ष्मता बढ़ती है
अगर, आपको आयुर्वेद में विश्वास है तो आपको कान जरूर छिदवाने चाहिए। कान छिदवाने से कई जरूरी ऐक्युप्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर पड़ता है। इससे आंखों की रौशनी के साथ-साथ कानों की सुनने की क्षमता भी बढ़ाता है।

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