➺ दरअसल हवाई जहाज को सफेद रंग से पेंट करने के पीछे का एक कारण यह है कि सफेद रंग ऊर्जा का कुचालक होता है और अपने ऊपर गिरने वालीं सूर्य की अधिकतर किरणों को परावर्तित कर देता है।
➺ इससे बाहरी सतह अधिक गरम नही होती है और सफेद पेंट होने की वजह से अगर जहाज के बाहरी सतह पर कोई नुकसान हो जाता है तो वह आसानी से दिखाई देता है ।
➺ एक हवाई जहाज को पेंट करने में करीब 3 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का खर्च आता है और कोई भी कंपनी एक प्लेन की पेंटिंग में इतना पैसा खर्च करना नहीं चाहती। साथ ही एक प्लेन को पेंट करने में 3 से 4 हफ्ते का वक्त लगता है। ऐसे में कंपनी को काफ़ी नुकसान हो सकता है।
➺ सफेद रंग इन सब परेशानियों का आसान हल है। धूप में खड़े होने की वजह से कोई भी दूसरा रंग धीरे-धीरे हल्का होने लगता है, लेकिन सफेद रंग के साथ ऐसी समस्या नहीं होती। इसी कारण कंपनियां हवाई जहाज को सफेद रंग का ही रखना पसंद करती हैं। कंपनियां अपने जहाज खरीदती और बेचती रहती हैं।
➺ ऐसे में कंपनी का नाम बदलना या उसे अपने हिसाब से बदलवाना, सफेद रंग के कारण आसान हो जाता है। इसके अलावा एक कारण और भी है अगर जहाज कही दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो सफेद रंग होने की वजह से आसानी से जहाज को ढूढ़ा जा सकता है।






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