भारत के इन मंदिरों में आज भी होता है तांत्रिक विद्या, जाने से डरते हैं लोग


जादू टोना, टोटका, तंत्र-मंत्र ये सब हम लोगों ने किताबों में पड़ा है या फिल्मों में देखा है। आज के ज़माने में भी टोना-टोटके चलते है इस बात का प्रत्यक्ष परिणाम नहीं है, लेकिन आज हम आपको भारत के कुछ मंदिरो के बारे में बताने जा रहे है जहां आज भी टोने-टोटके चलते है। भारत में ऐसे कई अनेक मंदिर और धार्मिक स्‍थल हैं जो अपनी तंत्र विद्याओं के लिए जाने जाते है। इन मंदिरो में आज भी बड़े स्तर पर तांत्रिक विद्या चलती है। इन तांत्रिक क्रियाओं की वजह से लोग इन मंदिरों में जाने से डरते है। इसकी मुख्य वजह है तंत्र-मंत्र जो बड़े स्तर पर चलता है।

1.वेताल मंदिर, उड़ीसा


भुवेनश्‍वर का यह मंदिर आठवीं सदी में बना था। इस मंदिर में बलशाली चामुण्‍डा की है जो मां काली का ही रूप माना जाता है।इस मंदिर में पुरे समय तांत्रिक क्रियाएं चलती रहती हैं।

2. बैजनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश


यह मंदिर शिव भगवान का प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में शिवलिंग के रूप में विराजमान है। ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर का पानी पाचन शक्‍ति को दुरुस्‍त करता है। यह मंदिर खासतौर पर तांत्रिक क्रियाओं को लेकर बेहद प्रसिद्ध है।

3. कालीघाट मंदिर, कोलकाता


कोलकाता का कालीघाट मंदिर तांत्रिक क्रियाओं के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इसलिए इस मंदिर में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसा कहा जाता है कि इस स्‍थान पर देवी सती की अंगुलियां गिरी थीं।

4. कामाख्‍या मंदिर, असम


कामाख्या मंदिर असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर दूर नीलांचल पहाड़ी पर स्थित है। इस मंदिर को तंत्र क्रियाओं का गढ़ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सती का योनिभाग कामाख्या में गिरा और उसी स्थान पर कामाख्या मन्दिर बनाया गया था।

5. खजुराहो मंदिर, मध्‍य प्रदेश


मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर को खासतौर पर कामुक मूर्तियों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस मंदिर में बड़े स्‍तर पर तांत्रिक क्रियाएं भी चलती है। इस बात का पता बहुत कम लोगो को है।

6. काल भैरव मंदिर, मध्‍य प्रदेश


काल भैरव मंदिर मध्‍य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। इस मंदिर में देश के सभी तांत्रिक और अघोरी साधु सिद्धियों के लिए आते रहते है। इस मंदिर में काल भैरव मदिरा पान करते है।

7. बालाजी मंदिर, राजस्थान


बालाजी का मंदिर राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर खासतौर पर तंत्र क्रियाओं के आलावा भूत-प्रेत की बाधा को उतारने के लिए प्रसिद्ध है। ऐसा कहा जाता है कि तंत्र शास्‍त्र में इस मंदिर का बहुत महत्‍व है। इस मंदिर में भक्तो का झुंड लगा ही रहता है।

8. एक लिंग मंदिर, राजस्थान


उदयपुर का यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहां पर भगवान शिव की बहुत सुन्दर चौमुखी मूर्ति है जो काले संगमरमर से बनी है।

9. ज्वालामुखी देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश


ज्वालामुखी देवी का यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है। ज्वालामुखी मंदिर को जोता वाली का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की खासियत यह है कि पृथ्वी के गर्भ से नौ अलग अलग जगह से ज्वाला निकल रही है जिसके ऊपर ही मंदिर का निर्माण किया गया है।

10. अचलेश्वर महादेव मंदिर – माउंट आबू, सिरोही


अचलेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान के हिल स्टेशन माउंटआबू में स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां का शिवलिंग दिन मे तीन बार अपना रंग बदलता है।

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