भाजपा के गढ़ मणिनगर में मैनेजिंग कंसल्टेंट श्वेता ब्रह्मभट्ट को टिकट देकर कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है। श्वेता को देखकर अक्सर लोग उन्हें मॉडल समझ लेते हैं लेकिन वह इससे कोई इत्तेफाक नहीं रखती। श्वेता के पिता नरेंद्र ब्रह्मभट्ट भी कांग्रेसी हैं उन्होंने साल 2000 में पार्टी के टिकट पर म्युनसिपल कॉरपोरेशन का चुनाव भी लड़ा था।
श्वेता हमेशा से ही कॉर्परेट वल्र्ड में आना चाहती थी जिसके लिए उन्होंने अहमदाबाद से ही बीबीए की डिग्री ली जिसके बाद वो मास्टर्स करने लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर चली गई जिसके बाद वो इंवेस्टमेंट बैंकर बन गई। उन्होंने आईआईएम बैंगलोर में पॉलीटिकल लीडरशिप की डिग्री ली है वो ये कोर्स करने वाली गुजरात के 26 लोगों में से एक थी जहां उन्हें कई कांग्रेस लीडर्स ने गाइड किया।
श्वेता ने बताया कि उन्हें 2012 विधानसभा चुनाव के दौरान ही लडऩे का मौका मिला था लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना है कि इस विधानसभा के 75 प्रतिशत वोटर 40 वर्ष से कम उम्र वाले और महिलाएं हैं। युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर मेरा सबसे ज्यादा ध्यान है।




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