पहली बार पीरियड आने पर यहां मनाया जाता है ‘जश्न’


एक किशोरी लड़की को पहली बार पीरियड आना जहां चिंता और दर्द भरा अनुभव होता है, वहीं भारत में एक ऐसी जगह है जहां पहली बार लड़की को पीरियड आने पर जश्न मनाया जाता है। यह अनोखी परंपरा असम के बोगांइ गांव जिले के सोलमारी में मनाई जाती है जो कि सालों से चली आ रही है। आज भी इस परंपरा को जारी रखा गया है।

बीबीसी की खबर के मुताबिक यहां जब लड़की को पहली बार पीरियड आता है तो उसके माता-पिता उसकी शादी केले के पेड़ से करवा देते हैं। यहां पर ‘तुलोनी बिया’ नाम की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान लड़की को पांच दिन अलग कमरे में रखा जाता है, जहां पर पुरूषों को जाने की मनाही होती है। इसके साथ ही दो जोड़ी छाली को लाल कपड़े में बांधकर पड़ोसी रखा जाता है और सात सुहागिन औरतें लड़की को नहलाती हैं।

यह तोलिनी ब्याह पीरियड के पहले दिन ही किया जाता है। उसके बाद लड़की को ऐसे कमरे में रहना होता है जहां सूरज की रोशनी न पड़ें। इतना ही नहीं उसे पका हुआ खाना देने की अनुमति नहीं है। उसे केवल कच्चा दूध, फल खाने को दिए जाते हैं। पीरियड्स के दौरान उसे जमीन पर सोना होता है और वह किसी का चेहरा तक नहीं देख सकती है।


Post a Comment

أحدث أقدم