वैज्ञानिक कारण
वैज्ञानिकों का मानना है की पिछले जन्म की बातों को याद न रख पाने के पीछे ऑसीटॉसिन नामक कैमिकल है। यह कैमिकल गर्भधारण के दौरान ही मां के गर्भ से निकल जाता है, लेकिन अगर यह तत्व मां के गर्भ से ही शिशु के साथ आ जाए तो उसे अपने पिछले जन्म की सभी बातें याद रहती हैं।
प्राकृतिक कारण
प्रकृति ने मनुष्य का दिमाग भूलने के लिए ही बनाया है। हम अक्सर समय के साथ बीती बातों को भूल जाते हैं यानी समय के साथ पुरानी बातों को भूलना और नई बातों को सोचना। अक्सर ज़िन्दगी में इंसान के साथ बुरी घटनाएं हो जाती हैं, जिन्हें वह भूल कर नई ज़िंदगी की शुरुआत करता हैं।
मृत्यु का भय
अगर पिछले जन्म में हमारी मृत्यु किसी दुखद कारण की वजह से हुई है तो नए जन्म में उसको याद रखने से मनुष्य फिर दुःखी हो जाएगा और लगातार उसके दिमाग में पूर्व जन्म की बातें और अपने करीबियों का दुःख घूमता रहेगा।
कर्म और आत्मा
हमारे शास्त्रों में भी साफ़ कहा गया है कि कर्मों से ही उसका अगला जन्म सुधरता है। आत्मा के कर्म इंसान को उसके पिछले जन्म की और खींचते हैं। इसलिए अच्छा जीवन जीने वाले के लिये हमेशा यही बात कही जाती है कि जरूर इसने पिछले जन्म में कुछ अच्छे कर्म किए होंगे।
किसी विशेष शक्ति के कारण
कुछ लोगों को अपने पूर्वजन्म का बोध हो जाता है। जैसे कि उसका नाम क्या था, कहां रहता था, कौन थे माता-पिता आदि। ऐसा कई बार हुआ है लेकिन बहुत ही कम यह देखा जाता है। लेकिन इसमें भी कितनी सच्चाई है, कहा नहीं जा सकता।

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