नींद की कमी- गर्भावस्था में हर गुजरते महीने के साथ रात की नींद प्रभावित होती है। आपको बता दें कि रात को पर्याप्त नींद नहीं लेने से अगली सुबह आपको सिर दर्द हो सकता है। हालांकि कुछ घंटों की नींद लेकर आपको इससे राहत मिल सकती है।
भूख- देर तक भूखा रहने से ब्लड शुगर लेवल गिरने लगता है और सिरद दर्द हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान देर तक भूखा ना रहें। क्योंकि यह बच्चे के लिए पोषण को भी प्रभावित कर सकता है।
हाई बीपी- तीसरी तिमाही के दौरान यह समस्या आम है। गर्भावस्था के दौरान प्रीक्लंपिसिया बच्चे को कमजोर कर सकता है और इससे भ्रूण को समस्या हो सकती है। इसलिए धुंधला दिखने और मतली के साथ सिरदर्द होने पर तुरंत चेक-अप कराएं।
तनाव- गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तन से तनाव पैदा हो सकता है। जाहिर है तनाव के कारण सिरदर्द होना आम बात है। इससे बचने के लिए आप योग और मेडिटेशन कर सकती हैं।
माइग्रेन- विशेषज्ञों का मानना है कि जिन महिलाओं को सिरदर्द और माइग्रेन का इतिहास है, वे गर्भावस्था के दौरान बेहतर हो सकती हैं। हालांकि, यह सभी के लिए समान नहीं है। कुछ में माइग्रेन का हल्के लक्षण हो सकते हैं और कुछ के लिए यह गंभीर हो सकते हैं।

إرسال تعليق