लेकिन जैसे ही शाम ढलती है और क्लब खुलते हैं, यहां का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। ऐसा लगता है मानो पूरा शहर सन् 1980 के उस दौर में लौट गया, जब यहां सेक्स वर्क सामान्य हुआ करता था।
तब काफी संख्या में यहां सेक्स क्लब भी होते थे। इस मीटपैकिंग डिस्ट्रिक्ट में शाम ढलने के साथ जैसे ही क्लब खुलने लगते हैं, वैसे ही यहां का माहौल एरोटिक होना शुरू हो जाता है।
लोग जमकर शराब का आनंद लेते हैं और छुपकर दूसरों की हरकतों को निहारते हैं। रात में अजनबी भी एक हो जाते हैं, एक-दूसरे को देख सीटियां बजाते हैं। ये अजनबी अपने पार्टनर तलाशते हैं।
यह ठीक वैसे ही है, जैसे डेटिंग वेबसाइट टिंडर पर कोई लड़की या लड़का पसंद आ गया तो उसे दाएं-बाएं स्वाइप करना होता है या फिर उसे हटा देना होता है। इन फोटोज को देखकर वहां की लाइफ का अंदाजा लगाया जा सकता है।





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