आचार्य चाणक्य ने कहा ये चार काम आपको कोई नहीं सिखा सकता


ऐसा नहीं है कि आचार्य चाणक्य ने सिर्फ अर्थशास्त्र और राजनीति क्षेत्र से जुड़े विषयों पर अपने अनुभव दुनिया से साझा किए हैं बल्कि उन्होंने आम मानवीय व्यवहार, स्त्री-पुरुष गुण-दोष और भावी संकटों की पहचान करने के संबंध में भी तमाम ऐसी गूढ़ बातें बताईं है जो आज के समय में भी यथार्थ के काफी करीब जान पड़ती हैं। कहते हैं कि कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें लोग देख कर सीख जाते हैं वहीं कुछ ऐसी भी होती हैं जिसे किसी के सिखाने पर ही हम सीख पाते हैं। लेकिन चाणक्य ने कुछ ऐसी चीजें बताई हैं जिन्हें किसी के भी सिखाने पर आप नहीं सीख सकते हैं जानिए आखिर क्या हैं वो चीजें....

1. इस दुनिया में हर व्यक्ति अपनी इच्छा के हिसाब से ही दान-पुण्य करता है। चाणक्य ने बताया है कि हर व्यक्ति के  स्वभाव में ही रहता है कि वह कितना दानवीर है। किसी भी इंसान की दानशक्ति को कम करना या बढ़ाना बहुत ही मुश्किल काम है, क्योंकि यह स्वयं से ही निर्धारित होती है। यह आदत आपमें जन्म के समय से ही आती है।

2. जीवन की कठिन परिस्थितियों में उचित और सही निर्णय लेना कोई आपको सिखा नहीं सकता। यह एक ऐसा व्यवहार है जो आपमें खुद-ब-खुद आता है। ऐसे मौके कई बार आते हैं जब सही या गलत का निर्णय व्यक्ति को स्वयं ही करना पड़ता है। कहते हैं कि व्यक्ति तभी जीवन में काफी उपलब्धियां प्राप्त करता है जब वह समय पर उचित और अनुचित में फर्क समझ लेता है।

3. धैर्य धारण करना एक ऐसी मानवीय कला है जिसे कोई भी आपको नहीं सिखा सकता है। दुनिया में अधिकांश व्यक्ति हर कार्य जल्दबाजी में करना पसंद करते हैं उन्हें धीरज धरने में जरा भी दिलचस्पी नहीं होती है क्योंकि उन्हें सब कुछ तुरंत चाहिए होता है। इस बारें में चाणक्य ने कहा कि ऐसे लोगों को धैर्य की शिक्षा देना भी समय की बर्बादी ही है, क्योंकि यह गुण व्यक्ति को जन्म के साथ ही उसके स्वभाव में रहता है।

4. कुछ लोग मृदुभाषी होते हैं तो कुछ लोग कड़वा बोलते हैं, लेकिन यह भी स्वभावत: ही होता है और यह कला कोई चाहकर भी आपको नहीं सिखा सकता है। आप चाहे जितना प्रयत्न करें अगर कोई व्यक्ति जन्म से ही कड़वा बोलने वाला है तो वह कड़वा ही बोलेगा क्योंकि यह उसके स्वभाव में है। आप उसे लाख समझा लो लेकिन वह मीठा बोल ही नहीं सकता।

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