जी हां, बांसवाड़ा जिले के आदिवासी युवाओं में ऐसा चलन है। ये युवक-युवतियां होली पर्व पर खेले जाने वाले परंपरागत नृत्य गेर में शामिल होने के लिए एक जैसे कपड़े पहनते हैं। इतना ही नहीं ये इन कपड़ों को पहनकर बाजार भी जाते हैं।
इन युवक-युवतियों के एक जैसे कपड़े पहनने को लेकर कोई परंपरा व रिवाज नहीं बल्कि एकता का प्रतीक है। युवक-युवतियों में यह चलन पिछले कुछ वर्षों से ही पनपा है। युवक-युवती एक जैसी पोशाक इसलिए पहनते हैं ताकि वह एक जैसे दिखें।



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