मर्दो को गर्मियों में नहीं करना चाहिए यह एक काम, नहीं तो खो देगें अपनी मर्दानगी


अब धीरे-धीरे गर्मियां दस्तक देने लगी हैं। गर्मियों के आते ही स्किन प्रॉब्लम की समस्या काफी बढ़ जाती है, ऐसे में अधिकांश लोग अपने स्किन को प्रोटेक्ट करने के लिए सनस्क्रीम लगाकर ही घर से बाहर निकलना पसंद करते हैं। क्योंकि सनस्क्रीन कंपनियों का कहना हैं कि सनस्क्रीन लगाकर बाहर धूप में निकलने से त्वचा की रंगत बरकरार रहती है और क्रीम स्किन को यूवी किरणों के सीधे संपर्क में नहीं आने देती है। लेकिन यह अध्ययन आपको चौंका सकता है।


हाल में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि जो मर्द सनस्क्रीन यूज़ करते हैं, वो जल्द अपनी मर्दानगी खो सकते हैं। क्योंकि जब हम सनस्क्रीन को आल ओवर बॉडी पर लगाते हैं तो हमारी त्वचा उस लोशन को अच्छे से सोख लेती है। जिससे सनस्क्रीन ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश कर जाता है। जो मर्दो के मर्दानगी को छीन लेते हैं।


शोध यह है कि त्वचा को यूवी किरणों से बचाने या धूप के प्रभाव को कम करने के जिन रसायनिक तत्वों का इस्तेमाल सनस्क्रीन में किया जाता है वे रासायनिक तत्व मर्दों के शुक्राणुओं को नष्ट कर सकते हैं। जिस वजह से मर्द एक नपुंसक जेंडर के परिवर्ती हो सकते है। इसके साथ ही इसमें प्रयुक्त कई सामान्य उत्पाद महिलाओं के हॉर्मोन प्रोजेस्टेरॉन भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। जिससे शुक्राणुओं की क्रियाशीलता प्रभावित होती है। ये तत्व स्पर्म सेल्स के सामान्य फंक्शन को भी रोक देते हैं।

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