एक ऐसी फिल्म जिसको रिलीज़ करने में लगे 20 साल, तीन फ़िल्मी सितारों का फिल्म बनाने के दौरान हुआ था निधन!


बॉलीवुड में आज के समय में भले ही फिल्मों को बनाने में बस कुछ दिन और महीने लगते है लेकिन एक समय ऐसा भी था । एक फिल्म को बनाने में कई सालों लग जाते थे। क्लासिक फिल्म 'मुगले-आजम' को बनाने में 9 साल का समय लगा वही फिल्म 'पाकीजा' 14 साल में बनकर तैयार हुई। हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसी फिल्म भी है,जिसको बनाने में पूरे 20 साल से भी ज्यादा का समय लगा था ।


1960 के दशक में निर्माता-निर्देशक के आसिफ ने अपनी फिल्म 'मुगले आजम' की सफलता के बाद फिल्म 'लव एंड गॉड' बनाने का फैसला किया जिसकी कहानी लैला-मंजनू की मोहबब्त पर आधारित थी ।


आसिफ की पहली कलर फिल्म भी थी। 1960 में इस फिल्म के लिए गुरुदत्त और निमी को साइन किया गया। फिल्म का निर्माण जैसे ही शुरू हुआ कोई ना कोई मुसीबत सामने आता ही रहा।10 अक्टूबर 1964 को अचानक गुरुद्त का निधन हो गया, जिसकी वजह से फिल्म का काम बीच में ही रोक लिया गया ।

गुरुदत्त के निधन के बाद के आसिफ ने संजीव कुमार को इसी फिल्म के लिए साइन किया और फिल्म की शूटिंग शुरू की 1971 में फिर इस फिल्म पर एक और मुसीबत आई । जब फिल्म के निर्माता निर्देशक के आसिफ का निधन हो गया । आसिफ के निधन के बाद ये फिल्म करीब-करीब डब्बे ही बंद हो गई।
1980 के दशक में आशिफ की पत्नी अख्तर आशिफ ने अपने पति की इस अधूरी फिल्म को पूरा करने का फैसला किया। कई कठिनाइयों के बाद करीब 20 सालों के लम्बे समय के बाद आखिरकार 1986 में इस फिल्म को रिलीज कि गयी ।



नौशाद और रफी और हिरोइन बिमी की ये आखिरी फिल्म थी । और खास बात ये है कि इस फिल्म के हीरो संजीव कुमार भी इस फिल्म को नहीं देख पाए। क्योकि फिल्म के रिलीज से पहले ही संजीव कुमार भी इस दुनिया से चल बसे ।

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