चारों तरफ हरियाली, खुला आसमान और चिड़ियों की चहचहाहट के बीच, झोपड़ीनुमा छत के साथ एक खूबसूरत मकान। मकान के सामने कुमार विश्वास मशीन से घास की छिलाई कर रहे हैं। पहले तो आदत के मुताबिक कुमार ने ट्विटर पर घर की फोटो शेयर की। उसके बाद जब किसी फैन ने मकान की दीवारों को लेकर खासियत पूछी तो इसका जानकारी भरा जवाब भी दिया। हिंदी के मशहूर कवि कुमार विश्वास ने फैन को बताया कि गोबर, मिट्टी, चूना, दाल और दूसरी चीजों के इस्तेमाल से उनका यह नया घर बना है। फिर क्या था, कवि के नए घर की ये तस्वीरें देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं।
घर की खासियत के बारे में फैन के सवाल पर कुमार विश्वास से इस घर के निर्माण और इसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया कि दीवार पर हो रहे इस प्लास्टर को वैदिक प्लास्टर कहते हैं। इसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह प्लास्टर सिर्फ पीली मिट्टी, बालू, गोबर, चूना, इस्तेमाल में न आने वाली दालों का चूरा, लसलसे पेड़ों (लसोड़े, आंवला, गूलर, शीशम) के अवशेष से मिलाकर बनता है। यह पूर्णतः एंटीबैक्टिरियल व तापमान नियंत्रक है। हमारे पूर्वजों की वास्तुकला को पुनर्जीवित किया है।
एक फैन ने जब खुद भी इस तरह का मकान बनवाने की दिली ख्वाहिश जाहिर की और कुमार विश्वास से मदद मांगी तो इसका जवाब भी उसे मिला। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर बताया कि इस मकान को बनवाने के लिए मैंने कोई एक्सपर्ट नहीं बुलाया था। तरीका मैंने एक किताब में पढ़ा था और सामान्य सा राज मिस्त्री बुलाकर खुद उसको गाइड करता था। जैसे-जैसे मैं बताता गया वो मकान बनाता चला गया।
रोज सुबह उठना “जागना” नहीं है ! अगर सच में जाग गए हो तो सोते हुए भी स्थितप्रज्ञ रहोगे ! सूरज यही तो सिखाता है ! आप सब की आत्मा-मन व मस्तिष्क के उर्ध्वमुखी जागरण की आकांक्षा के साथ बेहद प्यार भरा प्रणाम ❤️🙏 @kvKutir pic.twitter.com/WcoXlygekP
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 29, 2020

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