
रसोई में रखा गैस सिलेंडर भोजन बनाने के लिए है लेकिन सावधानी नहीं बर्ती गई तो यही गैस सिलेंडर विनाश का तांडव भी कर सकता है। भारत के अखबार ऐसी लापरवाही की दुर्घटनाओं से भरे पड़े हैं। ध्यान रहे कि आपके घर में रखी गैस सिलेंडर की जिंदगी मात्र 10 साल ही होती है। अवधि समाप्त होने के बाद एलपीजी गैस सिलेंडर की टेस्टिंग जरूरी है। टेस्टिंग से ही तय हो सकता है कि सिलेंडर इस्तेमाल करने लायक है कि नहीं। टेस्टिंग में पास सिलेंडर को नया एक्सपायरी डेट दिया जाता है। जबकि फेल सिलेंडर को मार्केट से हटा दिया जाता है।
एक्सपायर सिलेंडर उपयोग करने का मतलब है कि वह किसी बम विस्फोट की तरह फट सकता है। इसलिए सिलेंडर लेने से पहले यह जांचना जरूरी है कि कहीं वो एक्सपायर तो नहीं है। हर एलपीजी सिलेंडर में तीन पत्तियां लगी रहती हैं जिसमें दो पत्तियों पर सिलेंडर का वजन लिखा होता है और तीसरी पत्ती पर कुछ नंबर लिखे होते हैं। यही नंबर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट है। एक्सपायरी वर्ष को आराम से समझा जा सकता है। हालांकि महीने को समझने के लिए ए, बी, सी और डी को डिकोड करना जरूरी है।


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