असल में भाजपा ने शुक्रवार सुबह ही गुप्त मंत्रणा करते हुए प्लानिंग कर दी। इसके तहत उदयपुर के 6 भाजपा विधायकों में से चार को तो गुजरात ले गए, इनमें उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा व गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती शामिल है। झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी से सम्पर्क हुआ तो वे बोले कि उनको तो जयपुर बुलाया गया है इसलिए वे जयपुर जा रहे हैं तो उदयपुर शहर विधायक व विस में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया जयपुर ही है। भाजपा के एक बड़े नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इन विधायकों को दिन में गुजरात के लिए रवाना कर दिया है और उनके मोबाइल बंद करवा दिए है। बाड़ाबंदी के कारण पर बोले कि अब सरकार का संकट बढ़ गया है, ऐसे में हमें हमारे विधायकों को हमने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी और कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अभी वे तो यहीं है और पार्टी के जैसे निर्देश होंगे उसकी पालना की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि वैसे भाजपा की विधायकों के बाड़ेबंदी की रणनीति सात अगस्त को थी लेकिन बसपा विधायकों को हाईकोर्ट के नोटिस तामिल होने के बाद भाजपा ने इसमें बदलाव करते हुए इस प्लान को शुक्रवार को ही अंजाम दे दिया। भाजपा नेताओं का मानना है कि जो राजनीति में कुछ भी संभव है ऐसे में सावधानी जरूरी है इसलिए विधायकों को शिफ्ट किया गया है।
ऐसा कुछ भी नहीं है। केवल इतना जरूर था कि बीएसपी विधायकों को लेकर जो प्रकरण चल रहा था वह निस्तारित नहीं हुआ लेकिन हमने उससे पहले ही सभी जिलाध्यक्षों से कहा कि अपने विधायकों का ध्यान रखें। उनके सम्पर्क में रहे।

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