उन्होंने इस दौरान अपने एक बयान में कहा कि डेटा कलेक्शन की चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अमेरिकियों की निजी जानकारियों तक पहुंच हो जाती है। ऐसे में चीन के पास अमेरिका के फेडरल ऑफिसर्स और कॉन्ट्रेक्टर्स की जगहों को ट्रैक करने की अनुमति भी मिल जाती है। कम्युनिस्ट पार्टी इन प्राइवेट सूचनाओं का डोजियर बनाकर ब्लैकमेल कर सकती है और जासूसी भी संभव है।
हालांकि, इस बीच टिकटॉक के मालिकाना हक वाली कंपनी ByteDance ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ किसी भी डील की बातचीत से इनकार किया है। इसके बाद इस बात की आशंका गहराने लगी है कि कंपनी पर अमेरिका में भी प्रतिबंध लग सकता है।Breaking News: President Trump ordered sweeping restrictions on TikTok and WeChat, limiting their ability to do business and sharply escalating a battle with China. https://t.co/da31UAHizB— The New York Times (@nytimes) August 7, 2020
मालूम हो कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने एक बयान में कहा था कि अगर 45 दिन में माइक्रोसॉफ्ट, टिकटॉक को नहीं खरीद पाता है तो प्रतिबंध संभव है।
उल्लेखनीय है कि भारत टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश है। भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध लगाया था। भारत ने 106 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है।US President Donald Trump, in letter to US Congressional leaders, says he is banning any transaction starting in 45 days with messenger app WeChat's owner Tencent: Reuters https://t.co/krkzf2yPlm— ANI (@ANI) August 7, 2020



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