अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यार्थियों को इस संशोधन के जरिए राजस्थान न्यायिक सेवा में पहले से अधिक संख्या में आगे आने का मौका मिलेगा। इस निर्णय से गुर्जरों के साथ ही रैबारी-रायका, गाड़िया लुहार, बंजारा व गड़रिया समाज के लोगों को फायदा होगा। राज्य न्यायिक सेवा में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिल रहा है।
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार ने राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 में संशोधन किया है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर एक प्रतिशत के स्थान पर पाँच प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की गई है। अधिक पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार लंबे समय से न्यायिक सेवा नियमों में संशोधन की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें राज्य न्यायिक सेवा में एक प्रतिशत के बजाय पांच प्रतिशत आरक्षण मिल सके। अधिक पिछड़े वर्गों में गुर्जर, राइका-रबारी, गदिया-लोहार, बंजारा और गडरिया शामिल हैं।
Rajasthan government approves 5 per cent reservation to 'more backward classes', including Gurjars, in state judicial service: Statement— Press Trust of India (@PTI_News) August 2, 2020

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