मैड्रिड स्थित रेमन वाई काजल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 संक्रमण से जूझ रहे जिन मरीजों को हाथ-पैर में लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत थी, उनमें से एक-तिहाई के तालू और जीभ के निचले हिस्से में भी ऐसे निशान थे। ये चकत्ते संक्रमितों के वायरस की जद में आने और सर्दी-जुकाम, बुखार व कंपकंपी जैसे लक्षण उभरने के औसतन दो हफ्ते बाद पनपे थे।
मैड्रिड स्थित रेमन वाई काजल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 संक्रमण से जूझ रहे जिन मरीजों को हाथ-पैर में लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत थी, उनमें से एक-तिहाई के तालू और जीभ के निचले हिस्से में भी ऐसे निशान थे। ये चकत्ते संक्रमितों के वायरस की जद में आने और सर्दी-जुकाम, बुखार व कंपकंपी जैसे लक्षण उभरने के औसतन दो हफ्ते बाद पनपे थे।



एक टिप्पणी भेजें