गडकरी ने कहा कि "हमको कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा और उसके साथ कुछ दिनों तक चलना होगा। क्योंकि ये नेचुरल वायरस नहीं है लैबोरेट्री में तैयार किया गया है। साइंटिस्टों और डॉक्टरों को भी पता नहीं है।"
उन्होंने कहा कि भारत गरीब देश है, हम माह- दर-माह लॉकडाउन की अवधि नहीं बढ़ा सकते। हमें सुरक्षा उपायों के साथ बाजारों/चीजों को खोलना होगा। कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों की तुलना में भारत सुरक्षित स्थिति में नजर आ रहा है। यहां इन देशों की तुलना में कोरोना संक्रमण के काफी कम मामले सामने आए हैं।
नितिन गडकरी ने कहा कि "जहां तक मेरी जानकारी है अगर ये नेचुरल वायरस होता तो साइंटिस्टों को इसके बारे में पता होता... ये लेबोरेट्री में तैयार किया गया वायरस है, मैं विवादों में नहीं जाना चाहता। अब इसका सॉल्यूशन नहीं है, इसका वैक्सीन नहीं है। दुनिया में इसे लेकर काम हो रहा है, जो मेरी जानकारी है दो-चार पांच दिन में इसका वैक्सीन मिल जाएगा। चेक करने के लिए इसका डिटेक्शन सिस्टम भी नहीं है, इसके लिए सिस्टम में संशोधन हुआ है।"



إرسال تعليق