उन्होंने कहा, "अनुच्छेद 370 में बदलाव के लिए तानाशाही नहीं होनी चाहिए। इसे लोगों का विश्वास जीतने के साथ ही शांति से हल किया जाना चाहिए, ताकि देश के नागरिकों को भविष्य में किसी भी तरह की चुनौती का सामना न करना पड़े।"
एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने भारत को एकजुट करने के लिए उठाए गए इस साहसिक कदम के लिए सरकार को बधाई दी।
उन्होंने ट्वीट किया, "सबसे पहले देश है। केवल विरोध करने की जद्दोजहद में कोई नैतिकता नहीं है। इसमें शामिल हों और भारत को एकीकृत करने की दिशा में एक साहसिक कदम उठाने के लिए सरकार को बधाई दें।"
राज्य के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट और विधानसभा अध्यक्ष सी. पी. जोशी ने हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को ट्वीट किया कि जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी निंदनीय है और इसे टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर के नेताओं को विश्वास में लेना चाहिए था।

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