'मैं दुनिया भुला दूंगा तेरी चाहत में...' यह गाना तो आपने सुना ही होगा। यह गाना है फिल्म आशिक़ी का और आज हम बात कर रहे है एक्ट्रेस अनु अग्रवाल की। 'आशिकी' जैसी हिट फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अनु की जिंदगी किसी ट्रेजडी फिल्म की कहानी जैसी है। अब आप भी उनकी फोटो देख कर पहचान नहीं पायेंगे। एक हादसे ने इस एक्ट्रेस का सब कुछ कर दिया तबाह, जाने क्या है पूरा मामला।
11 जनवरी 1969 को दिल्ली में जन्मीं अनु अग्रवाल उस समय दिल्ली यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र की पढ़ाई कर रही थी जब उन्हें महेश भट्ट ने अपनी रोमांटिक फिल्म 'आशिकी' में पहला ब्रेक दिया था। साल 1999 में उनके साथ एक ऐसी घटना घटी जिसने उनकी जीवन की गाड़ी को एक पटरी से उठाकर दूसरी पटरी पर रख दिया।
एक सड़क दुर्घटना ने न सिर्फ उनकी याददाश्त को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें चलने फिरने में भी अक्षम (पैरालाइज़्ड) कर दिया। 29 दिनों तक कोमा में रहने के बाद जब अनु होश में आईं, तो वह खुद को पूरी तरह से भूल चुकी थी। याददाश्त खो चुकी अनु के लिए ये उनका पुर्नजन्म ही था। अपनी इस कहानी के बारे में अनु ने अपनी किताब में लिखी थी। उनकी किताब का नाम 'अनयूजुअल'जो साल 2015 में रिलीज हुई थी।



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