आजकल वाट्सएप पर 800 से ज्यादा ईमोजी हैं। जब चेहरे और शरीर से भावनाएं नहीं दर्शाई जा सकतीं, उस वक्त इमोजी तेज, सरल और सही जरिया साबित होते हैं। क्योकि लिखे हुए मैसेज में सिर्फ शब्द जाते हैं, हमारी भावनाएं नहीं। स्माइली और इमोजी के पीले होने के पीछे का कोई मुकम्मल जवाब नहीं है। इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं। कोरा (Quora) पर कुछ लोगों का कहना था कि पीला रंग स्किन (त्वचा) टोन से मेल खाता है, इसलिए स्माइली और इमोजी पीले ही होते हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि मुस्कुराते और खिलखिलाते हुए चेहरे मीडिया में हमेशा पीले दिखते हैं। इतना ही नहीं, चाहे स्टिकर्स हों या फिर गुब्बारे, उनका रंग भी अधिकतर पीला होता है। यह रंग खुशी का प्रतीक होता है। वहीं, एक तर्क था कि पीले रंग के बैकग्राउंड पर चेहरे की डीटेल्स साफ दिखती हैं।

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