26 दिसम्बर, 2006 को दक्षिण एशिया के कई देशों में तबाही मचाने वाली सुनामी की घटना और नेपाल में इतना प्रचंड तीव्रता वाला भूकम्प ने मानव जाति या होमोसैपियंस को एक बार फिर से याद दिलाया कि उनकी अपनी ताकत के अहंकार के बावजूद प्राकृतिक ताकत के सामने वे कितने असहाय हैं।
जापान - जापान के उत्तर-पूर्वी इलाकों में भूकंप के बाद जबरदस्त सुनामी आई है। इससे पहले 2004 में दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में भी भूकंप के बाद समुद्री हलचल से बड़ी तबाही हुई थी।
समुद्र में उठी कई मीटर ऊँची लहरों को सुनामी लहरें कहा गया था। हिन्द महासागर (26 दिसमबर, 2004) - 9.3 तीव्रता के भूकम्प के चलते हिन्द महासागर का सीना सुनामी से दहल गया। सुमात्रा इस भूकम्प का केन्द्र था।
30 मीटर तक ऊँची उठी लहरों ने विनाश का ऐसा ताण्डव मचाया कि, मानवता काँप उठी। इस सुनामी के कारण 14 देश प्रभावित हुए। सर्वाधिक प्रभावित होने वाले देशों में भारत, इण्डोनेशिया, श्रीलंका और थाइलैण्ड आदि प्रमुख थे और इसमें मरने वालों की संख्या क़रीब ढाई लाख थी।
नेपाल भूकम्प त्रासदी - 2015 नेपाल भूकम्प क्षणिक परिमाण परिमाप पर 7.8 या 8.1 तीव्रता का भूकम्प था जो 25 अप्रैल 2015 सुबह 11:56 स्थानीय समय में घटित हुआ। भूकम्प का अधिकेन्द्र लामजुंग, नेपाल से 38 कि॰मी॰ दूर था। भूकम्प के अधिकेन्द्र की गहराई लगभग 15 कि॰मी॰ नीचे थी।
भूकंप में कई महत्वपूर्ण प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर व अन्य इमारतें भी नष्ट हुईं थी। 1934 के बाद पहली बार नेपाल में इतना प्रचंड तीव्रता वाला भूकम्प आया था जिससे 8000 से अधिक मौते हुई हैं और 2000 से अधिक घायल हुए थे।
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