टूथपेस्ट, साबुन और प्लास्टिक के खिलौनों जैसे घरेलू उत्पादों में मौजूद रासायनिक तत्वों से पुरुषों में नपुंसकता के मामले बढ़ रहे हैं। रिसर्चरों का मानना है कि जलती-तपती धूप से बचाने वाला सन्स्क्रीन लोशन, रंग-बिरंगे साबुन और प्लास्टिक के खिलौनों जैसे रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली चीजों से सीधा संपर्क इंसानी स्पर्म की सेहत के लिए ठीक नहीं है। शोधकर्ताओं ने इन्हीं चीजों को पुरुषों में बढ़ती नपुंसकता का जिम्मेदार ठहराया है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, रोजमर्रा में इस्तेमाल आने वाली हर तीन में से एक चीज में जहरीले रसायन मिलाए जाते हैं। इन रसायनों के कारण स्पर्म सेल्स की क्षमता प्रभावित होती है। ‘एंडोस्रिन डिस्रप्ट‘ शोध के अंतर्गत, पुरुषों की गिरती शुक्राणु संख्या और इनफर्टिलिटी के कारणों की खोज की जा रही है।कुछ मामलों में देखा गया कि ये केमिकल्स, फीमेल सेक्स हार्माेन्स ‘ऑस्ट्रोजेन्स‘ और कई बार एंटी-एंड्रोजेन्स (मेल हार्माेन्स) की तरह व्यवहार करते हैं। जो कि पुरुषों में नपुंसकता बढ़ाने का मुख्य कारण है।
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