जम्मू कश्मीर की झेलम नदी में शिकारा की सैर सबसे यादगार मानी जाती है। इस लिस्ट में एक और नाव भी शामिल होने जा रही है। झेलम नदी में अब न्यूजीलैंड से आई लग्जरी 'बस बोट' को भी उतारा गया है। जम्मू-कश्मीर जल परिवहन प्राधिकरण कश्मीर में जल परिवहन को पुनर्जीवित करने के लक्ष्य को लेकर पहली आयातित लक्जरी बोट सामने लेकर आया है।
30 सीटों वाली 'बस बोट' का ट्रायल दस जुलाई से जारी है। श्रीनगर के बाहरी इलाके में लसजान और चट्टाबल वियर में नदी में इसकी परफॉर्मेंस को परखा जा रहा है। समुद्री उपकरण आपूर्तिकर्ता फर्म सुखनाग एंटरप्राइजेज ने 'बस बोट' के अलावा झेलम नदी में 10-12 सीटर लग्जरी पोंटून बोट और 14 सीटर रेस्क्यू बोट भी चालू करी है।
सुखनाग एंटरप्राइजेज के निदेशक इमरान मलिक के अनुसार बस बोट न्यूजीलैंड की मैक नाम की कंपनी से खरीदी गई थी। इस नए विकासात्मक कदम का उद्देश्य झेलम नदी में दशकों पुरानी जल परिवहन संस्कृति को पुनर्जीवित करना है। ये कश्मीर की पहचान और विरासत है।
इमराम मलिक के अनुसार इस नाव को लोगों की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें एयर कंडीशनिंग, म्यूजिक सिस्टम और टेलीविजन भी लगे हुए हैं। बोट के चालक गौतम बॉस्ली के अनुसार यह फाइबरग्लास वाली बोट है। यह सभी सुविधाओं से लैस है। इसका अतिरिक्त लाभ यह भी है कि बोट के अंदर 10 से 12 लोगों के सम्मेलन की तरह बैठक की जा सकती है।
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