हम बात कर रहे हैं मार्गरेट गीर्तोईदा जेले उर्फ माता हारी जासूसी की दुनिया का सबसे मशहूर नाम है। इनका जन्म वर्ष 1876 में नीदरलैंड में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश पेरिस में हुई थी। माता हारी एक एक बेहतरीन डांसर भी थी, जो इसका पेशा था। पहले विश्व युद्ध के समय तक वह पेरिस में एक डांसर और स्ट्रिपर के रूप में मशहूर हो गई थीं। उनका कार्यक्रम देखने कई देशों के लोग और सेना के बड़े अधिकारी पहुंचा करते थे।
कहते है माता हारी की गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक जासूसों में होती है। एक बार जिसके पीछे पड़ जाती ती तो उसकी सारी पोल-पट्टी खोल देती थी। उनकी इसी खूबी के कारण फ्रेंच सरकार ने प्रथम विश्वयुद्ध के समय माता हारी को हथियार बना कर जर्मन मिलिट्री ऑफिसर्स की कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की थीं। हालांकि उन्हें दोहरा जासूस माना जाता था। कहा जाता है कि माता हारी ने पैसों के बदले फ्रांस सरकार की भी जानकारी जर्मनी सरकार को देनी शुरू कर दी।
स्पेन जाते समय इंग्लैंड के फालमाउथ बंदरगाह पर ब्रिटिश खुफिया एजेंसी ने माता हारी को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, फ्रांस और ब्रिटेन की जासूसी एजेंसियों को शक था कि वो जर्मनी के लिए जासूसी करती हैं। इस बात के पुख्ता सबूत न होने के बावजूद उन पर डबल एजेंट होने का आरोप लगा कर फ्रांस में उन्हें गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया गया था। जिसके बाद वह हमेशा के लिए चैन की नींद सो गई।
माता हारी ने खुद तो किसी को नहीं मारा, लेकिन उनकी जासूसी ने लगभग 50 हजार फ्रांसिसी सैनिकों को मौत के घाट उतारा। इस महिला जासूस की जिंदगी पर साल 1931 में हॉलीवुड फिल्म बनी जिसमें ग्रेटा गर्बो मुख्य भूमिका में थीं।



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