जहां देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर थमता हुआ नज़र आ रहा है वहीं कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अहम जानकारी सांझा की है। एक शख्स को दो अलग-अलग कोरोना वैक्सीन लगाए जाने को लेकर आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अगले अपडेट तक कोरोना वैक्सीन की मिक्सिंग नहीं की जा सकती है। दो खुराक वाले टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सीन के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दरअसल, सरकार की यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आयी है जिसमें दावा किया गया है कि भारत "कुछ हफ्तों में" ऐसे परीक्षण शुरू कर सकता है कि क्या दो अलग-अलग कोविड टीकों को मिलाने से वायरस से प्रतिरक्षा को बढ़ावा मिल सकता है।
नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने साथ ही कहा कि कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक लगाए जाने की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ''कोविशील्ड की पहली डोज लेने के बाद, दूसरी डोज 12 हफ्ते बाद दी जाएगी। कोवैक्सीन की भी दो डोज दी जाएगी, दूसरी डोज 4 से छह सप्ताह के बीच में लगाई जाएगी। हमारे टीकाकरण कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम का पालन किया जा रहा है और इस संबंध में कोई भ्रम नहीं पैदा किया जाना चाहिए।''
वैक्सीन की किल्लत के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईसीएमआर के चीफ बलराम भार्गव ने कहा कि जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक कोविड-19 के पर्याप्त टीके उपलब्ध होंगे जिससे प्रति दिन एक करोड़ लोगों को टीका लगाया जा सकेगा।




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