भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण जिंदगी की आफत बना हुआ है, जिससे अब तक करीब 3.15 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। संक्रमण की दूसरी बेव ने तो सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए, एक-एक दिन में चार-चार लाख से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आए। इस बीच राहत की बात यह है कि कोरोना संक्रमण की चाल धीमी हुई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। सरकार ने दो गज की दूसरी और मास्क लगाना जरूरी बताया है। राज्य सरकारों ने आंशिक लॉकडाउन भी लागू कर रखा है।
दूसरी ओर लोगों की जान बचाने के लिए वैक्सीनेशन का काम भी तेजी से चल रहा है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीनेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत अभी तक वैक्सीन का पहला डोज प्राप्त नहीं करने वाले वरिष्ठ नागरिक अब घर के नजदीक ही टीका लगवा सकते हैं। इस कार्यक्रम में 60 साल से कम उम्र के शारीरिक रूप से असमर्थ लोग भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, सरकार ने यह साफ किया है कि इसका मतलब घर-घर जाकर वैक्सिनेशन करना नहीं होगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 टीकाकरण के नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ने बुजुर्गों और दिव्यांग नागरिकों के लिए 'घर के पास कोविड टीकाकरण केंद्रों' के दिशानिर्देशों पर एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी के प्रस्ताव की सिफारिश की है। इन सिफारिशों को मंजूरी देते हुए मंत्रालय ने कहा है कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए NHCVC 'समुदाय-आधारित, लचीला और जन-केंद्रित दृष्टिकोण का पालन करेगा, कोविड टीकाकरण केंद्रों को घरों के करीब लाएगा।
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि इन सिफारिशों का मकसद वरिष्ठ नागरिकों और उन लोगों के टीकाकरण को सुनिश्चित करना है, जो शारीरिक परेशानियों के चलते सीमित गतिविधियां कर सकते हैं। फिलहाल देश में 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण जारी है। 16 जनवरी से शुरू हुए प्रोग्राम में सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी गई थी।
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