हमारे बचपन की कई ऐसी चीज़े होती है जो कभी हमसे जुदा नहीं हो पाती है। आज तक आपने भी अपने बचपन की कई चीज़े संभलकर रखी होंगी जिसे आप जिंदगीभर संभालकर रखना चाहते हैं। किसी को अपने बचपन के खेल खिलौने याद होते हैं तो किसी को दादी नानी की कहानियां। लेकिन एक चीज़ जो सभी को याद रहती है वो है बॉल पेन। आपने भी खुद बॉल पेन का इस्तेमाल तो किया ही होगा और फिर इसे खोया भी होगा। इस चीज़ को कोई जैसे भूल सकता है।

कई बार हम सभी ने होमवर्क करने के लिए बॉलपेन का इस्तेमाल किया था. लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि इस बॉलपेन के ठक्कन में ऊपर की तरफ छोटा सा छेद क्यों होता है? हम आपको आज इस बारे में ही बता रहे हैं......

कई बार हम सभी ने होमवर्क करने के लिए बॉलपेन का इस्तेमाल किया था. लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि इस बॉलपेन के ठक्कन में ऊपर की तरफ छोटा सा छेद क्यों होता है? हम आपको आज इस बारे में ही बता रहे हैं......
इसकी वजह ये है कि दरअसल छोटे बच्चे अक्सर पढ़ाई के दौरान पेन से लिखते समय पेन के ढक्कन को मुंह में डाल लेते हैं और कभी-कभी उसे गलती से निगल भी लेते हैं। ऐसी स्थिती में ये ढक्कन अंदर जाकर सांस नली में फंस जाता है। लेकिन पेन के ढक्कन में अच्छी चीज यह है कि ढक्कन में छेद होने पर उससे सांस का प्रवाह होता रहता है और सांस रुक नहीं पाती है। अगर यह छेद न हो तो ढक्कन के गले में फंसने से किसी की भी मौत हो सकती है। सिर्फ इसी वजह से पेन कंपनिया बॉलपेन के ढक्कन में छेद कर देती हैं ताकि ये गले में फंसने के बाद सांस का प्रवाह ना रोक सके।


إرسال تعليق