बड़ा खुलासा: कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों पर दो महीनो में हुआ 80 लाख बार साइबर अटैक


कोरोना महामारी ने भारत के साथ पूरे विश्व को हिला रखा है। डॉक्टर और वैज्ञानिक लगातार कोविड-19 की रोकथाम के लिए वैक्सीन खोज रहे है। जिसमें से कई वैक्सीन इस समय अपने फाइनल ट्रायल में चल रही है। ऐसे में साइबर पीस फाउंडेशन की एक रिपोर्ट ने सभी को परेशानी में डाल दिया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत समेत दुनिया  में 1 अक्टूबर से 25 नवंबर के दौरान कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के ऊपर 80 लाख साइबर अटैक हुए है। इस रिपोर्ट के अनुसार इसमें ज्यादातर हमले हेल्थकेयर सेक्टर पर आधारित 'थ्रेट इंटेलिजेंस सेंसर' नेटवर्क से जुड़े थे। जिसमें अक्टूबर में कुल 54,34,825 और नवंबर में 16,43,169 साइबर अटैक हुए। 


वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के विंडोज सर्वर पर किया अटैक- साइबर पीस फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार साइबर अटैक ऐसे सिस्टम पर सबसे ज्यादा किए गए हैं। जो अनियंत्रित इंटरनेट सिस्टम का सामना कर रहे हैं। साइबर हमलों पर किए गए रिसर्च में पता चला है कि इंटरनेट-फेसिंग सिस्टम में रिमोट डेस्कटॉप प्रोटोकॉल अनेबल होता है। ऐसे में पुराने विंडोज सर्वर प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा अटैक हुए हैं। साइबर पीस फाउंडेशन ने कहा, 'इस संकट के दौरान हेल्थकेयर सेक्टर पर कई रैंसमवेयर हमले हुए हैं, जो अप्रैल 2020 में शुरू हो गए थे'।  


इसी महीने माइक्रोसॉफ्ट ने कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली भारत समेत अन्य देशों की 7 प्रमुख कंपनियों को निशाना बनाने वाले साइबर हमलों का पता लगाया था। इसमें कनाडा, फ्रांस, भारत, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनियां और वैक्सीन रिसर्चर्स शामिल थे। यह हमला रूस और उत्तर कोरिया से किया गया था। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने वैक्सीन निर्माताओं के नामों का खुलासा नहीं किया है। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, जिन कंपनियों को निशाना बनाया गया था, उनमें अधिकांश वैक्सीन निर्माता ऐसे हैं जिनके वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है।

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