आज रात होंगे नीले चांद के दीदार, बन रहा है विशेष संयोग


 पूरे देश में शरद पूर्णिमा का उत्साह है। रात में चंद्रमा की रोशनी से सुधा बरसती है। पंचांग के मुताबिक, इस बार पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 30 अक्टूबर शाम 5.47 से होगा जो अगले दिन 31 अक्टूबर रात 8.21 तक रहेगा, लेकिन यह तिथि 30 अक्टूबर को प्रदोष व्यापिनी तथा निश्चित व्यापिनी दोनों हैं। इसिलए देश के बड़े हिस्से में 30 अक्टूबर को ही शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है। इस बीच, 31 अक्टूबर का दिन भी बहुत खास होने जा रहा है। इस दिन आसमान में ब्लू मून दिखाई देगा। यानी चंद्रमा पूरी तरह से नीले रंग में रंगा नजर आएगा। खगोलशास्त्रियों के लिए भी ये पल बहुत खास रहेंगे। नासा ने भी इस खगोलिय घटना के अध्ययन की बड़ी तैयार की है।


भारतीय धर्म ग्रंथों और पंचांग के अनुसार, एक महीने में एक पूर्णिमा होती है और एक अमावस्या। वहीं सालों में कभी कभार ऐसा होता है कि एक महीने में दो बार पूर्णिमा हो। अक्टूबर 2020 में ऐसा ही हुआ है। इस महीने की पहली तारीख को पूर्णिमा थी और अब 30 अक्टूबर (या 31 अक्टूबर) को दूसरी पूर्णिमा है। इस तरह दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मूल कहा जाता है।


इस बार का ब्लू मूल बहुत खास है। जानकारों के मुताबिक, इस वर्ष 31 अक्टूबर को दुर्लभ योग बन रहे हैं। इस दिन पूर्णिमा है यानी देशभर में शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। इसी दिन हैलोवीन है। ईसाई धर्म में इसका विशेष महत्व है। वहीं यह भी संयोग है कि एक महीने में दो पूर्णिमा आ रही है। 30 या 31 अक्टूबर को ब्लू मून होने के संयोग अब 2039 में यानी 19 साल बाद आएगा।


अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, हर साल 31 अक्टूबर को हैलोवीन मनाया जाता है। मान्यता है कि यह फसल का आखिरी दिन होता है। इसके बाद से कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाती है। कई देशों में इसे त्योहार के रूप में मनाते हैं। आज के दौर में भी हैलोवीन पार्टियां आयोजित की जाती हैं। कहीं कहीं लोग भूतों के कपड़े पहनकर निकलते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि इस दिन आत्माएं सक्रिय हो जाती हैं और लोगों को परेशान करती हैं। आत्माओं को दूर भगाने के लिए लोग भूतों के कपड़े पहनते हैं और डरावने चेहरे लेकर घुमते हैं।

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