रूस की कोरोना वैक्सीन ‘स्पूतनिक वी’ को बीस से अधिक देशों ने मांग की है। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दमित्रीवे का कहना है कि बीस देशों ने वैक्सीन की करोड़ों डोज की मांग की है। किरिल के अनुसार, मांग करने वालों में लैटिन अमेरिकी, मध्य पूर्व और कुछ एशियाई देश शामिल हैं। कुछ के साथ डील भी हो गई है। उन्होंने ये भी बताया कि तीसरे चरण का ट्रायल यूएई और सऊदी अरब समेत अन्य देशों में होगा।
किरिल ने कहा कि रूस अब विदेशी सहयोगियों की मदद से पांच देशों में हर साल वैक्सीन की 50 करोड़ डोज तैयार करेगा। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे उच्च गुणवत्ता वाली और सुरक्षित वैक्सीन अपने लोगों को लगाकर उनका जीवन बचाने में आगे बढे़ं।
जानिए कैसे काम करती है यह वैक्सीन: रूस का यह स्पुतनिक-5 टीका एक SARS-CoV-2 प्रकार के एडेनोवायरस जो एक सामान्य कोल्ड वायरस है, उसके डीएनए पर आधारित है। यह कोरोना वैक्सीन एक वायरल को छोटे-छोटे हिस्सों बांट देती है और इसके लिए छोटे वायरस का इस्तेमाल करती है। जिसके बाद यह इम्यूनिटी को बढ़ाता है। स्पुतनिक न्यूज से बात करते हुए गैमलेया नेशनल रिसर्च सेंटर के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा कि वैक्सीन में कोरोना वायरस के कण शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा सकते क्योंकि इनकी संख्या नहीं बढ़ती है।




إرسال تعليق