देश में कोरोना महामारी का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस दौरान देश में पहली बार किसी कोरोना मरीज की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ है। इस पोस्टमार्टम के पीछे डॉक्टरों की टीम का उद्देश्य ये जानना था कि एक मृत व्यक्ति के शरीर में कोरोना संक्रमण कितने समय तक रहता है और इस दौरान ये किन-किन अंगो को प्रभावित करता है।
दरअसल, भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से पॉस्टमार्टम की मंजूरी मिलने के बाद ही बीते रविवार को संक्रमित व्यक्ति की बॉडी पर रिसर्च की गई। संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद पोस्टमार्टम करते समय डॉक्टर्स की टीम ने पीपीई किट समेत अन्य सुरक्षा से जुड़ी गाइडलाइंस का पालन किया।
उन्होंने बताया इस दौरान पता चल सकेगा कि संक्रमित होने के बाद यह वायरस दिल, फेफड़े, दिमाग या दूसरे अंगों पर किस तरह से और कितना प्रभाव डालता है। पोस्टमार्टम के दौरान फॉरेंसिक मेडिसिन के अलावा तीन अन्य टीमों ने भी शव का पोस्टमार्टम किया।



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