कांग्रेस के 100 नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा पत्र, की नेतृत्व बदलने की मांग


कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता संजय झा ने दावा किया है कि करीब 100 कांग्रेसी नेता पार्टी के आंतरिक हालात से नाखुश हैं और उन्होंने इस बाबत कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को एक पत्र भी लिखा है। कांग्रेस से सस्‍पेंड चल रहे संजय झा ने आज एक ट्वीट कर ऐसा दावा किया है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि अनुमान है कि सांसदों सहित करीब 100 कांग्रेसी नेता पार्टी की आंतरिक स्थिति से नाखुश हैं। इस बाबत उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव और सीडब्ल्यूसी में पारदर्शी चुनाव की मांग की गई है।


पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में संस्पेंड चल रहे संजय झा पूर्व में कांग्रेस पर निशाना साधते रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस ने अपना रास्ता ना बदला तो पार्टी तबाह हो जाएगी। एक लेख में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में विपरीत विचारों के लिए असहिष्णुता है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस भाजपा पर तो ‘अवैध लोकतंत्र’ का लांछन लगाती है मगर खुद अपने भीतर राजशाही संस्कृति को बढ़ावा देती है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के पतन के पांच कारण भी बताए।


इस दौरान संजय झा ने कहा कि कांग्रेस के वोट प्रतिशत परंपरागत रूप से 45 फीसदी रहा है और साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पार्टी को सबसे अधिक 48.1 फीसदी वोट मिले। इसके बाद लगातार पार्टी का वोट शेयर गिरता रहा। जो 1998 में 25.8, 2009 में 28.5 और 2014 में 19.52 फीसदी रहा।


हाल ही में कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा था कि अगर राहुल गांधी नेतृत्व को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें केवल अपना इस्तीफा वापस लेना होगा। लेकिन, अगर वह कहते हैं कि वो वापस पार्टी की कमान को संभालना नहीं चाहते हैं। तो पार्टी को अब फैसला लेना चाहिए। शशि थरूर ने कहा कि सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि पार्टी का हर नेता यह सवाल पूछ रहा है कि आखिरकार कब तक ऐसा ही चलता रहेगा। 

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