पहले तो आपको ये बता दें कि दुनियाभर में मच्छरों की कई प्रजातियां हैं। उन्ही में से एक हैं अफ्रीका के एडीस एजिप्टी मच्छर। इस मच्छर की भी कई प्रजातियां हैं। इनकी वजह से ही जीका वायरस फैलता है। यही मच्छर डेंगू और पीला बुखार के भी कारण होते हैं।
न्यू जर्सी की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इन्ही मच्छरों पर अध्ययन किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सभी प्रजातियों के मच्छर खून नहीं पीते बल्कि उनमें से कई अपना गुजारा करने के लिए अन्य चीजों को खाते-पीते हैं। यह रिपोर्ट न्यू साइंटिस्ट नामक पत्रिका में छपी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी की रिसर्चर नोआह रोज बताती हैं कि अब तक किसी ने भी मच्छरों के खान-पान से जुड़ा शोध नहीं किया था, लेकिन हमने किया। हमने सबसे पहले अफ्रीका के कुछ जगहों से एडीस एजिप्टी मच्छर के अंडे लिए और फिर उन अंडों से मच्छरों के निकलने का इंतजार किया। उसके बाद हमने उन मच्छरों को प्रयोगशाला में बंद डिब्बों के अंदर इंसानों और अन्य जीव-जंतुओं पर छोड़ दिया, ताकि यह समझा जा सके कि उनके खून पीने की पद्धति क्या है। इस दौरान हमें पता चला कि एडीस एजिप्टी मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियों का खान-पान बिल्कुल अलग था।
न्यू साइंटिस्ट में छपी रिपोर्ट में बताया गया है कि मच्छरों के अंदर खून पीने को लेकर ये बदलाव हजारों सालों में आया है। जहां पर पानी जमा होता है, वहां मच्छरों को प्रजनन करने में कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन जैसे ही उन्हें पानी की कमी महसूस होने लगती है, वो इंसानों का या अन्य जीवों का खून चूसना शुरू कर देते हैं। यानी इससे साफ है कि मच्छर पानी की कमी को पूरा करने के लिए खून पीते हैं।



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