केंद्र सरकार द्वारा सशस्त्र बलों को तत्काल खरीदारी के लिए दी गई आपातकालीन शक्तियों के तहत, हवा से सतह पर लगभग 60-70 किलोमीटर तक के लक्ष्य पर मार करने वाली हैमर मिसाइल का आदेश दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के समझौते के तहत 29 जुलाई को भारत को पांच राफेल विमान मिलेंगे। ये सभी स्कॉल्प और मीटियोर जैसे उन्नत हथियारों से लैस होंगे। पहले पांच राफेल लड़ाकू विमान 29 जुलाई तक भारत में पहुंचने शुरू हो जाएंगे, जो 17 गोल्डन एरो कमांडिंग ऑफिसर के पायलट द्वारा उड़ाए जाएंगे।
राफेल विमान पहले मई के अंत तक भारत को सौंपे जाने थे, लेकिन कोविड-19 स्थिति को देखते हुए इसे दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। बता दें कि भारत ने सितंबर में फ्रांस के साथ साल 2016 में 36 राफेल विमानों की आपूर्ति के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
तीन मीटर लंबी और 330 किलो वजनी यह मिसाइल ऊंचे (पहाड़ी) स्थानों पर 60 किलोमीटर की दूरी और कम ऊंचाई वाली जगहों पर 15 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है। जीपीएस और इंफ्रारेड तकनीक से लैस यह मिसाइल दिन और रात के दौरान सभी मौसमों में काम कर सकती है। इसमें वर्टिकल स्ट्राइक क्षमता है। एक राफेल विमान में ऐसी छह मिसाइलों को लगाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।




إرسال تعليق