कोरोनावायरस भारत में काफी तेजी से फैलता जा रहा है। फिलहाल, कोरोनावायरस को लेकर दुनियाभर में दहशत का माहौल छाया हुआ है। लोगों में इस खतरनाक वायरस को लेकर इतना डर, तनाव, डिप्रेशन, एंग्जायटी घर कर चुका है कि कोई कुछ भी बोलता है, लोग उसे सच मान लेते हैं। कोरोनावायरस के लक्षणों को पहचानकर इसका जल्द इलाज करना ही इसके बचाव का बेहतर उपाय है। इसके बारे में फैले मिथकों पर जितना आप ध्यान देंगे, आपका स्ट्रेस लेवल उतना ही बढ़ता जाएगा। जानें, कोरोनावायरस से संबंधित कुछ मिथक और उससे संबंधित तथ्यों के बारें में यहां...
मिथक : गर्म पानी में नहाने से कोरोनावायरस से बच सकते हैं
सच : ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप गर्म पानी से नहा लेंगे, तो यह खतरनाक वायरस आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। दरअसल, शरीर का तापमान 36.7 से 37 के बीच होता है। अधिक गर्म पानी से नहाना नकुसानदायक भी हो सकता है। गर्म पानी से नहाने की बजाय आप थोड़ी देर के अंतराल में हाथ साफ करें।
मिथक : क्या कोरोनावायरस गर्म मौसम में फैलता है
सच : कुछ लोग सोचते हैं कि गर्म मौसम आते ही कोरोनावायरस का सफाया हो जाएगा, पर ऐसा नहीं है। यह वायरस किसी भी तरह के मौसम में फैल सकता है। ठंडे, गर्म और आर्द्रता वाले किसी भी क्षेत्र में यह फैल सकता है।
मिथक : मच्छर के काटने से भी कोरोनावायरस फैलता है
सच : इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट आईएसएस में हुए एक अध्ययन के अनुसार, मच्छर कोरोनोवायरस को मनुष्यों तक पहुंचाने में असमर्थ होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि इसका कोई सबूत नहीं है कि कोरोनावायरस को खून चूसने वाले कीड़ों द्वारा प्रेषित किया जा सकता है, जैसे मच्छर मनुष्यों को काटने पर डेंगू और अन्य बीमारियों को फैलाते हैं।
मिथक : शरीर पर अल्कोहल लगाने से कोरोनावायरस मर जाता है
सच : शरीर पर अल्कोहल लगाने से कोरोनावायरस का तो कुछ नहीं होगा, उल्टा आपकी आंख, मुंह के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अल्कोहल, क्लोरीन को कीटाणुरहित सतहों के लिए उपयोग किया जा सकता है, लेकिन शरीर पर इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है।
मिथक : खारे पानी से नाक धोने से कोरोनावायरस से बच सकते हैं
सच : इस तरह की बातों से संबंधित कोई भी सबूत नहीं मिले हैं। यदि आपको सर्दी और कफ की समस्या है, तो खारे पानी से नाक साफ रखने से थोड़ी बहुत राहत मिल सकती है।



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